Santosh Kumar Yadav / Sat, Aug 15, 2026 / Post views : 67
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में शनिवार को झूलनोत्सव के अवसर पर ऐतिहासिक और भव्य दृश्य देखने को मिला। राम मंदिर निर्माण के बाद पहली बार श्रीरामलला सरकार मंदिर परिसर से बाहर निकलकर कुबेर टीला पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ उनका झूला बिहार कराया गया। करीब 500 वर्षों के बाद रामलला के मंदिर परिसर से बाहर निकलने के इस आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह दिखाई दिया।
शाम करीब चार बजे फूलों से सजी चांदी की पालकी में श्रीरामलला को विराजमान कराया गया। इसके बाद पालकी यात्रा मंदिर परिसर से कुबेर टीला के लिए रवाना हुई। जय श्रीराम के जयघोष से पूरी रामनगरी गूंज उठी। सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
कुबेर टीला पहुंचने के बाद श्रीरामलला का विधि-विधान से पूजन और आरती की गई। इसके बाद विशेष धार्मिक अनुष्ठान, पद गायन और झूलनोत्सव का आयोजन हुआ। भगवान को झूला झुलाया गया और विशेष भोग अर्पित किया गया। करीब चार से सात बजे तक चले आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
चारों भाइयों के साथ झूला बिहार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति के सदस्य राज कुमार दास ने बताया कि झूलनोत्सव की परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। इस बार ट्रस्ट के निर्देशन में निर्णय लिया गया कि अन्य मंदिरों की परंपरा के अनुरूप रामलला का झूलनोत्सव भी तृतीया से पूर्णिमा तक आयोजित किया जाए।
उन्होंने बताया कि शनिवार को श्रीरामलला चारों भाइयों के साथ कुबेर टीला पहुंचे और वहां झूला बिहार कराया गया। पद गायन के साथ धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। रविवार से नित्य श्रृंगार और आरती के बाद प्रातःकाल से ही ठाकुरजी झूले पर विराजमान रहेंगे। मध्याह्न भोगराज के बाद पुनः झूले पर विराजमान होंगे और शयन आरती तक भक्तों को दर्शन देंगे।
मणि पर्वत पर भी उमड़ा आस्था का सैलाब
उधर, अयोध्या के प्राचीन मणि पर्वत पर भी झूलनोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। विभिन्न मंदिरों से उत्सव विग्रह मणि पर्वत पहुंचे। यहां श्रीरामचरितमानस का गायन और धार्मिक अनुष्ठान हुआ।
मणि पर्वत पर आयोजन के बाद उत्सव विग्रहों को झूले पर विराजमान कराया गया। अयोध्या के दर्जनों मंदिरों में भगवान श्रीराम माता सीता और चारों भाइयों के साथ झूला झूलते नजर आए। मंदिरों में भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजनों से पूरी रामनगरी भक्तिमय हो उठी।
पूर्णिमा तक चलेगा झूलनोत्सव
ट्रस्ट के अनुसार रामलला का झूलनोत्सव पूर्णिमा तक जारी रहेगा। इस दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से अयोध्या पहुंचने वाले श्रद्धालु झूले पर विराजमान भगवान के दर्शन कर सकेंगे।
राम मंदिर निर्माण के बाद पहली बार मंदिर परिसर से बाहर निकलकर कुबेर टीला पर रामलला का झूला बिहार करना अयोध्या की धार्मिक परंपरा के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इस आयोजन ने रामनगरी की सदियों पुरानी झूलनोत्सव परंपरा को नई भव्यता और व्यापकता प्रदान की।
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