Santosh Kumar Yadav / Fri, Oct 23, 2026 / Post views : 45
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सात नवंबर को प्रस्तावित दसवें दीपोत्सव में दीप प्रज्ज्वलन, सरयू आरती, लेजर शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रामायण आधारित आकाशीय शो प्रमुख आकर्षण होंगे।
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, राम की पैड़ी समेत संपूर्ण अवधपुरी में दीप प्रज्ज्वलन किया जाएगा। आयोजन में 2100 स्वदेशी ड्रोनों के माध्यम से रामायण पर आधारित आकाशीय शो आयोजित करने की योजना है। इसके साथ ही हरित आतिशबाजी और लेजर शो भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
दीपोत्सव के दौरान 2147 प्रतिभागियों द्वारा सरयू आरती आयोजित करने का प्रस्ताव है। राम की पैड़ी पर करीब 200 कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। वहीं, देश के 13 राज्यों से लगभग 1000 कलाकारों के लोककला और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करने की योजना है।
आयोजन में करीब 35 हजार स्वयंसेवकों की सहभागिता प्रस्तावित है। इसके अलावा 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधियों और विदेशी राजनयिकों के भी दीपोत्सव में शामिल होने की संभावना है।
दीपोत्सव के तहत साकेत महाविद्यालय से रामायण आधारित शोभायात्रा निकाले जाने की योजना है। रामकथा पार्क में भरत मिलाप और भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डिजिटल माध्यमों के जरिए पांच करोड़ से अधिक लोगों तक दीपोत्सव पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं दीपोत्सव की धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप हों। श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता और आवागमन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
समीक्षा के दौरान महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर भी कार्यक्रमों को लेकर निर्देश दिए गए। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 26 अक्टूबर को मंदिरों में वाल्मीकि रामायण के अखंड पाठ तथा सभी जिलों में रामायण पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने चित्रकूट के रामघाट के व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण विकास पर भी जोर दिया। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्विकास को प्राथमिकता देने, दुकानों के व्यवस्थित पुनर्वास और नालों के सुदृढ़ीकरण से जुड़े कार्यों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने रामघाट के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भविष्य में बाढ़ की आशंका को देखते हुए विकास कार्यों की योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
नोट: दीपोत्सव के कार्यक्रमों, प्रतिभागियों की संख्या और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की सहभागिता से जुड़े आंकड़े प्रस्तावित आयोजन संबंधी उपलब्ध विवरण पर आधारित हैं। अंतिम कार्यक्रम में बदलाव संभव है।
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