Santosh Kumar Yadav / Wed, Oct 14, 2026 / Post views : 227
बाराबंकी। बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की रौजागांव इकाई की ओर से सघन गन्ना विकास योजना के अंतर्गत ग्राम मेंडुवा में शरदकालीन गन्ना बुवाई को प्रोत्साहित करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को उन्नत गन्ना किस्मों, सहफसली खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन और फसल को कीट-रोगों से बचाने के संबंध में जानकारी दी गई।
गोष्ठी में चीनी मिल के महाप्रबंधक (गन्ना) बृजपाल सिंह ने किसानों से उन्नतशील गन्ना किस्मों को.0118, को.98014, को.लख.14201, को.लख.16202 एवं को.शा.13235 की ट्रेंच विधि से बुवाई करने की अपील की। उन्होंने बताया कि गन्ने की दो पंक्तियों के बीच खाली स्थान में आलू, मटर, सरसों और मसूर जैसी सहफसली फसलों की खेती करके किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं।
गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ से आए अरुण कुमार ने शरदकालीन गन्ना बुवाई के लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शरदकालीन बुवाई में लगभग 25 प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त होने की संभावना रहती है और गन्ने का जमाव प्रतिशत भी बेहतर होता है। उन्होंने कार्बनिक खाद एवं जैव उर्वरकों के प्रयोग, मृदा परीक्षण और संतुलित पोषण प्रबंधन को बेहतर उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण बताया।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. दीपशिखा ने बताया कि गन्ने की दो नई अगेती किस्मों को.शा.23232 और को.लख.21201 को स्वीकृति मिली है। उन्होंने इनके उत्पादन की संभावनाओं की जानकारी देते हुए किसानों को नवीन किस्मों की बुवाई, संतुलित खाद एवं उर्वरक के इस्तेमाल, कीट-रोग नियंत्रण और गन्ने की पेड़ी फसल के उचित प्रबंधन के बारे में विस्तार से बताया।

इस दौरान सचिव डॉ. जनार्दन सिंह ने गन्ना विभाग की विभिन्न योजनाओं, गन्ना आपूर्ति और पर्ची व्यवस्था से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।

गोष्ठी में रौजागांव चीनी मिल के सहायक गन्ना प्रबंधक डीके सिंह, गन्ना पर्यवेक्षक मातादीन और मदन चौरसिया सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक गन्ना उत्पादन तकनीकों के प्रति जागरूक करना और खेती की लागत कम करते हुए उत्पादन एवं आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
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