Santosh Kumar Yadav / Fri, Oct 16, 2026 / Post views : 219
अयोध्या/रुदौली। रुदौली तहसील के ग्राम धौरहरा में दुर्गा पूजा आयोजन को लेकर प्रशासन के दो अलग-अलग वर्षों के आदेश चर्चा में हैं। पिछले सत्र में उप जिलाधिकारी रुदौली के कार्यालय से दुर्गा पूजा स्थापना एवं दशहरा/रामलीला मंचन के लिए अनुमति-पत्र जारी किया गया था, जबकि इस वर्ष संबंधित आवेदन को संभावित विवाद और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के आधार पर अस्वीकार कर दिया गया है।
20 सितंबर 2025 को जारी अनुमति-पत्र के अनुसार, ग्राम धौरहरा निवासी आनंद गुप्ता पुत्र श्यामलाल गुप्ता को गांव में रामलीला एवं दुर्गा पूजा आयोजन के लिए 22 सितंबर से 1 अक्टूबर 2025 तक अनुमति दी गई थी। पत्र में प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली रुदौली की 17 सितंबर 2025 की आख्या का उल्लेख करते हुए कुछ शर्तें भी निर्धारित की गई थीं।
वहीं, 13 अक्टूबर 2026 को जारी वर्तमान आदेश में एसडीएम रुदौली ने थानाध्यक्ष एवं क्षेत्राधिकारी की आख्या के आधार पर संभावित विवाद और शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताते हुए अनुमति देने से इनकार किया है। इस आदेश में ग्राम अल्हवाना स्थित मां संतोषी माता के मंदिर में स्थायी मूर्ति और परंपरागत पूजा-अर्चना का भी उल्लेख है।
आयोजन से जुड़े पक्ष के अनुसार, संबंधित स्थान पर मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना की परंपरा लगभग 10–11 वर्षों से चली आ रही है। उनके मुताबिक, इस संबंध में पुराने फोटो-वीडियो और अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि पिछले वर्ष जारी अनुमति-पत्र और परंपरा से जुड़े उपलब्ध दस्तावेजों पर इस वर्ष अनुमति संबंधी निर्णय लेते समय विचार किया गया था या नहीं। प्रशासन के वर्तमान आदेश में वर्ष 2025 के अनुमति-पत्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं दिखाई देता।
हालांकि, पिछले वर्ष की अनुमति अपने-आप इस वर्ष आयोजन की अनुमति सुनिश्चित नहीं करती। वर्तमान निर्णय के आधार और पुराने दस्तावेजों पर विचार किए जाने के संबंध में प्रशासन का पक्ष सामने आना भी जरूरी है।
अब निगाहें प्रशासन के स्पष्टीकरण पर हैं, जिससे पुराने अनुमति-पत्र, परंपरा से जुड़े साक्ष्यों और वर्तमान निर्णय के आधार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।


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