सरकारी तालाब की मिट्टी की प्राइवेट बिक्री के आरोप, मस्जिद की मीनार गिरने से बढ़े सवाल

अयोध्या जनपद के सोहावल/पूराकलन्दर क्षेत्र में सरकारी तालाब से सीआरपीएफ कार्यों के नाम पर किए जा रहे खनन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि स्थानीय व्यक्तियों द्वारा तालाब की मिट्टी को ऊँची कीमत पर प्राइवेट लोगों को बेचा जा रहा है।
पहले भी हुई थी मिट्टी बिक्री, कई मामलों में कार्रवाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी रिंग रोड निर्माण के नाम पर सरकारी मिट्टी की अवैध बिक्री सामने आ चुकी है, जिनमें कुछ मामलों में कार्रवाई भी हुई थी।
खनन के दौरान मीनार गिरी—मगरु की जेसीबी पर सवाल
शुक्रवार सुबह खनन के दौरान मगरु की जेसीबी से खुदाई करते समय पास की मस्जिद की मीनार गिर गई, जिससे पूरा मामला और गंभीर हो गया है।
बताया जा रहा है कि मगरु पहले भी फोन पर सरकारी मिट्टी बेचने और एक पुलिस अधिकारी के साथ काम करने का दावा कर चुके हैं। ऐसे में सैकड़ों डंपरों से तालाब और आस-पास की जमीन में मिट्टी भरने की गतिविधि सवालों के घेरे में है।
रॉयल्टी पर विरोधाभासी जानकारी
पूरा विवाद इस बात से और उलझ रहा है कि—
जिले के खनन अधिकारी ने किसी भी प्रकार की रॉयल्टी जारी होने से इनकार किया है।
वहीं बताया जा रहा है कि सीआरपीएफ के नाम पर 1.5 मीटर खनन की स्वीकृति दी गई थी।
ऐसे में बड़ा सवाल उठ रहा है कि अगर रॉयल्टी नहीं है, तो भारी मात्रा में प्राइवेट मिट्टी आखिर आ कहाँ से रही है?
प्रशासन बोला—जांच कराई जाएगी
मामले पर सोहावल की उपजिलाधिकारी (SDM) सविता कुमारी ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


