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कन्नौज: विश्व के सबसे ऊँचे अशोक स्तम्भ का हुआ भूमिपूजन

विश्व के सबसे ऊँचे अशोक स्तम्भ की आधारशिला रखी गई

कन्नौज । सम्राट अशोक चैरिटेबल ट्रस्ट के बैनर तले स्तम्भ का निर्माण कराया जा रहा है। भूमि पूजन में विदेशी बौद्ध धर्मगुरु सहित देश के कई धर्मों के धर्मगुरु उपस्थित रहे। कन्नौज के तीनों विधायकों सहित पूर्व सांसद व अन्य पदाधिकारी भी कार्यक्रम में अतिथि बनकर पहुंचे। कन्नौज के छिबरामऊ तहसील स्थित नगला लक्षीराम गांव के बुद्ध विहार में विश्व के सबसे ऊँचे अशोक स्तम्भ का निर्माण कराया जा रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ओमकार शाक्य ने इस ऐतिहासिक कार्य कि शुरुआत करायी है। सोशल मीडिया के जरिये जब विदेशी बौद्ध धर्मचार्यों को शांति दूत सम्राट अशोक का सभ मिलने की जानकारी हुई तो उन्होने ओमकार से सम्पर्क किया। कुछ दिन पहले अमेरिका, जापान, तिब्बत सहित कई देशों के बौद्ध विद्वानों ने नगला लक्षीराम में बनने वाले अशोक स्तम्भ की जगह का निरीक्षण किया। यहां विदेशी विद्वानो ने ओमकार की पहल को जमकर सराहा और स्तम्भ निर्माण के लिये दान भी दिया। आज हुये भूमि पूजन समारोह में सनातन, जैन, बौद्ध, सिख और ईसाई धर्म के धर्माचार्य शामिल हुये। दक्षिण कोरिया से आये बौद्ध धर्मगुरु पोम्न्युन सुनीम ने बौद्ध संदेश भी मौजूद भीड़ को सुनाया। भव्य कार्यक्रम में छिबरामऊ विधायिका अर्चना पांडेय, तिर्वा विधायक कैलाश राजपूत, सदर विधायक व मंत्री असीम अरुण, पूर्व सांसद सुब्रत पाठक सहित भाजपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया मौजूद रहे। पति के साथ इस मुहिम में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य बराबर से डटी रहीं। मंत्री असीम अरुण ने इसे अच्छी और बड़ी पहल बताया। उन्होने कहा की विश्व अतरो का अशोक आत्मभ बनने से छिबरामऊ के साथ जिले का नाम भी होगा और विदेशी पर्यटक इसे देखने आएंगे तो जिले को एक नयी पहचान मिलेगी। ओमकार शाक्य का कहना है के सम्राट अशोक दुनिया में शांति दूत के नाम से जाने जाते हैं और उन्होने बौद्ध धर्म अपनाने के बाद विश्व में शांति का पैगाम देने के लिये मुहिम छेड़ी थी। उन्ही के शांति सन्देश का प्रतीक अशोक स्तम्भ बनाने का संकल्प लिया है। वह स्तम्भ स्थल को आकर्षक बनाने की बात भी कह रहे हैं।

UP Hulchul

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