Santosh Kumar Yadav / Wed, Oct 14, 2026 / Post views : 124
बरेली। भाजपा के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे में पार्टी संगठन की कार्यप्रणाली और स्थानीय राजनीतिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। इस्तीफे में उन्होंने संगठन के भीतर कथित गुटबाजी, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा, नियुक्तियों की प्रक्रिया और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है।
धर्मेंद्र कश्यप ने भाजपा के संगठनात्मक ढांचे पर सवाल उठाते हुए पार्टी की कार्यप्रणाली की तुलना एक निजी कंपनी से की। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन में आंतरिक लोकतंत्र को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है और पदाधिकारियों के चयन में कार्यकर्ताओं की भागीदारी सीमित है।
इस्तीफे में पूर्व सांसद ने पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और कुछ नेताओं के स्तर पर परिवारवाद को बढ़ावा दिए जाने की बात भी कही। उन्होंने पिछड़े वर्गों और दलितों को संगठन में उचित सम्मान दिए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बरेली में भाजपा संगठन की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए धर्मेंद्र कश्यप ने गुटबाजी का मुद्दा उठाया। उन्होंने संगठन के संचालन में आर्थिक लेनदेन की भूमिका को लेकर भी सवाल किए। इस्तीफे में पदाधिकारियों को हर महीने एक से दो लाख रुपये दिए जाने संबंधी दावा किया गया है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
पूर्व सांसद ने राजनीतिक परिस्थितियों का आकलन करते हुए बरेली मंडल की 80 प्रतिशत सीटों पर भाजपा को नुकसान होने की आशंका जताई। यह उनका राजनीतिक अनुमान है, किसी चुनावी सर्वेक्षण या प्रमाणित आंकड़े का निष्कर्ष नहीं।
धर्मेंद्र कश्यप ने प्रशासनिक व्यवस्था में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया और थाने से तहसील तक 20 प्रतिशत कमीशन लिए जाने का आरोप लगाया। इसके साथ ही उन्होंने बरेली नगर निगम के एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के बजट से जुड़े मामलों की जांच कराने की मांग की। इन आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच और संबंधित अभिलेखों का परीक्षण आवश्यक होगा।
इस्तीफे में उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों में केवल हिंदू-मुस्लिम मुद्दों के आधार पर लगातार जीत हासिल नहीं की जा सकती। उनके मुताबिक, संगठन को जनता और कार्यकर्ताओं से जुड़े मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए।
धर्मेंद्र कश्यप के इस्तीफे में उठाए गए सवालों के बाद भाजपा के संगठनात्मक कामकाज और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस्तीफे में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। इस संबंध में भाजपा के संबंधित पदाधिकारियों और प्रशासन का पक्ष सामने आने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।

रिपोर्ट: दीपक कुमार
स्थान: बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन