Santosh Kumar Yadav / Sat, Aug 15, 2026 / Post views : 67
कानपुर। देशभर में जहां 15 अगस्त की सुबह स्वतंत्रता दिवस का ध्वजारोहण किया जाता है, वहीं कानपुर में आजादी का जश्न 12 घंटे पहले ही शुरू हो गया। मेस्टन रोड स्थित बीच वाले मंदिर के पास 14 अगस्त की रात ठीक 12 बजे तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।
रात 12 बजते ही मौके पर मौजूद लोगों में देशभक्ति और उत्साह की लहर दौड़ गई। तिरंगा फहराए जाने के साथ ही भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष गूंज उठे। इसके बाद आतिशबाजी की गई, जिससे पूरा इलाका देशभक्ति के रंग में रंग गया।
बताया जाता है कि कानपुर में आधी रात को स्वतंत्रता दिवस मनाने की यह परंपरा 1947 में देश की आजादी के समय से चली आ रही है। उस समय 14 अगस्त की रात 12 बजे इसी स्थान पर तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया गया था। इसके बाद हर वर्ष इसी समय ध्वजारोहण करने की परंपरा कायम रही।
इस ऐतिहासिक आयोजन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन भी शामिल होते हैं। उनके लिए यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को याद करने का अवसर भी है।
आयोजन में शामिल कांग्रेस ग्रामीण जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला ने बताया कि कानपुर में 14 अगस्त की रात 12 बजे स्वतंत्रता दिवस मनाने की परंपरा आजादी की रात से चली आ रही है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष इसी तरह तिरंगा फहराकर आजादी का जश्न मनाया जाता है और नई पीढ़ी को इस ऐतिहासिक परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया जाता है।
कानपुर की यह अनूठी परंपरा स्वतंत्रता दिवस के जश्न को अलग पहचान देती है। जहां देशभर में 15 अगस्त की सुबह आजादी का पर्व मनाया जाता है, वहीं कानपुर के लोग आधी रात को ही तिरंगे को सलामी देकर उस ऐतिहासिक रात को याद करते हैं, जब देश ने अंग्रेजी हुकूमत से आजादी हासिल की थी।
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