Santosh Kumar Yadav / Fri, Oct 9, 2026 / Post views : 245
शरदकालीन गन्ना बुवाई से बढ़ सकती है किसानों की आय, रौजागांव चीनी मिल ने किसानों को बताए उन्नत खेती के तरीके
बाराबंकी। रौजागांव चीनी मिल क्षेत्र के ग्राम उफरौली और कोठरी गौरिया में शरदकालीन गन्ना बुवाई को बढ़ावा देने के लिए कृषक गोष्ठी आयोजित की गई। इसमें किसानों को उन्नत गन्ना किस्मों, ट्रेंच विधि से बुवाई, सहफसली खेती और संतुलित पोषण प्रबंधन की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों से आधुनिक तकनीकों को अपनाकर गन्ने की पैदावार बढ़ाने और खेती की लागत कम करने की अपील की।
बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड की रौजागांव इकाई की ओर से सघन गन्ना विकास योजनांतर्गत आयोजित गोष्ठी में महाप्रबंधक गन्ना बृजपाल सिंह ने किसानों को को. 0118, 98014, को.लख. 14201, 16202 और को.शा. 13235 जैसी गन्ना किस्मों की ट्रेंच विधि से बुवाई करने की सलाह दी। उन्होंने गन्ने की दो पंक्तियों के बीच खाली स्थान में आलू, मटर, सरसों और मसूर जैसी सहफसलों की खेती कर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
बृजपाल सिंह ने बताया कि उपज बढ़ोतरी के लिए पंजीकरण और नए सदस्य बनाने की अंतिम तिथि 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। उन्होंने किसानों से समय रहते पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की।
गन्ना किसान संस्थान, लखनऊ से आए डॉ. अरुण कुमार ने शरदकालीन गन्ने की खेती के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि शरदकालीन गन्ने से बसंतकालीन गन्ने की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत अधिक उपज प्राप्त हो सकती है। उन्होंने कार्बनिक खाद, जैव उर्वरकों, मृदा परीक्षण और संतुलित पोषण प्रबंधन के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी।
जिला गन्ना अधिकारी बाराबंकी डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि कोशा 23232 और कोलख 21201 नामक दो नई अगेती गन्ना किस्मों को स्वीकृति मिली है। उनके अनुसार, इन किस्मों से को. 0238 की तुलना में अधिक पैदावार प्राप्त करने की संभावना है। उन्होंने किसानों को नई किस्मों की बुवाई, संतुलित खाद एवं उर्वरकों के इस्तेमाल, कीट-रोगों से फसल की सुरक्षा और गन्ना पेड़ी प्रबंधन के बारे में जानकारी दी।
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक डॉ. दीपशिखा ने गन्ना विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से उनका लाभ उठाने का आह्वान किया।
गोष्ठी में चीनी मिल रौजागांव के मुख्य गन्ना प्रबंधक दिनेश कुमार सिंह, सहायक गन्ना अधिकारी गौरव कुमार सोम, पर्यवेक्षक, कर्मचारी, नए सदस्य और सैकड़ों किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक गन्ना उत्पादन तकनीकों से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
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