Santosh Kumar Yadav / Sun, Aug 30, 2026 / Post views : 159
अयोध्या। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर मथुरा से तैयार कर लाई गई रजत शिला शनिवार को अयोध्या पहुंची। श्रावणी पर्व के अवसर पर हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज के आह्वान पर लाई गई इस चांदी की शिला का प्रसिद्ध मणिराम छावनी में विधिवत पूजन किया गया। पूजन कार्यक्रम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और श्री कृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास सहित संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
रजत शिला को पूजन से पहले सरयू नदी में स्नान कराया गया। इसके बाद हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचकर बजरंगबली का आशीर्वाद लिया गया। मणिराम छावनी पहुंचने पर उत्तराधिकारी नयन कमल दास जी महाराज, सेवायत जानकी दास जी समेत संतों और श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शिला का स्वागत किया।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रजत शिला का पूजन हुआ। इस दौरान परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय श्रीकृष्ण’ के जयकारों से गूंज उठा। कुछ श्रद्धालुओं ने ‘अयोध्या हुई हमारी है, अब मथुरा की बारी है’ के नारे भी लगाए। इससे आयोजन स्थल का माहौल भक्तिमय नजर आया।
दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि रजत शिला को श्रीराम जन्मभूमि की पावन भूमि की रज से संकल्पित किया गया है। उनके अनुसार, शिला को देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर ले जाकर पूजन कराने की योजना है। ब्रजभूमि के साथ देशभर के प्रमुख मंदिरों और एक लाख से अधिक पवित्र गांवों में भी इसके पूजन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस अभियान की जिम्मेदारी ब्रज धामाचार्य परिषद के महामंत्री पं. राजेश पाठक को सौंपी गई है।
महंत नृत्य गोपाल दास के सलाहकार शरद शर्मा ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से एक शिला महंत नृत्य गोपाल दास के आश्रम को समर्पित की गई थी। करीब 15 मिनट तक श्रद्धालुओं ने उसका पूजन किया, जिसके बाद शिला को वापस मथुरा ले जाया गया।
आयोजकों के मुताबिक, इस अभियान का उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भी श्रीराम जन्मभूमि की तर्ज पर भव्य और दिव्य मंदिर निर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाना है। आयोजकों ने इसके लिए संतों और श्रद्धालुओं से सहयोग एवं आशीर्वाद की अपील की है।
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