Santosh Kumar Yadav / Fri, Sep 25, 2026 / Post views : 193
वाराणसी। शहर को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में नगर निगम ने इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित निस्तारण के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। पुराने और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में जाने से रोकने के लिए ‘एडमायबिन’ को ई-वेस्ट के संग्रह, सुरक्षित चैनलाइजेशन और रिसाइकलिंग के लिए अधिकृत किया गया है।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल के अनुसार अब घर-घर जाकर ई-वेस्ट का संग्रह किया जाएगा। ई-वेस्ट सौंपने वाले नागरिकों या संस्थानों को संस्था की ओर से उचित मूल्य भी दिया जाएगा। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता सत्र और संग्रह अभियान भी चलाए जाएंगे।
यह सुविधा केवल घरों तक सीमित नहीं होगी। कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों, विभिन्न संस्थानों, उद्योगों और बल्क जनरेटरों से भी पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का संग्रह किया जाएगा।
इन सामानों का होगा संग्रह
अभियान के तहत कंप्यूटर, लैपटॉप, मॉनिटर, मोबाइल फोन, टैबलेट, प्रिंटर, स्कैनर, रेफ्रिजरेटर, फ्रीजर, वॉशिंग मशीन, ड्रायर, एसी, गीजर, माइक्रोवेव, किचन उपकरण, बैटरी, सेल, चार्जर, केबल, राउटर, स्विच, स्टेबलाइजर, इनवर्टर, यूपीएस, सर्किट बोर्ड, होम थिएटर, ऑडियो सिस्टम और एलईडी, एलसीडी व सीआरटी टीवी समेत विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक कचरे का उठान किया जाएगा।
चार चरणों में होगी प्रक्रिया
सबसे पहले नागरिक QR कोड या हेल्पलाइन नंबर 8335955000 के जरिए संपर्क करेंगे। इसके बाद पिकअप की तारीख और समय निर्धारित किया जाएगा। तय समय पर संस्था की टीम मौके पर पहुंचकर ई-वेस्ट एकत्र करेगी और उसके लिए उचित मूल्य प्रदान करेगी। इसके बाद एकत्र ई-वेस्ट को अधिकृत चैनलों के जरिए वैज्ञानिक तरीके से रिसाइकलिंग के लिए भेजा जाएगा।
नगर निगम ने काशीवासियों से अपील की है कि वे ई-वेस्ट को गीले या सूखे सामान्य कचरे में न मिलाएं। पुराने इलेक्ट्रॉनिक सामानों को अलग रखें और उनके सुरक्षित निस्तारण के लिए अधिकृत संस्था को ही सौंपें।
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