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: प्राथमिक स्कूलों के विलय पर रोक की मांग वाली दोनों याचिकाएं खारिज

Santosh Kumar Yadav / Mon, Jul 7, 2025 / Post views : 408

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न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि यह नीतिगत निर्णय है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार को प्राथमिक स्कूलों के विलय मामले में हाईकोर्ट लखनऊ बेंच से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की एकल पीठ ने प्राथमिक स्कूलों के विलय पर रोक की मांग वाली दोनों याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि यह नीतिगत निर्णय है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। इस आदेश के बाद राज्य सरकार समेत बच्चे और शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। कानून के प्रावधानों का होगा उलंघन उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राथमिक स्कूलों के विलय का निर्णय लिया था, जिसके तहत स्कूलों में छात्रों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया था। इस निर्णय के खिलाफ याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून के प्रावधानों का उल्लंघन करने और छोटे बच्चों के लिए स्कूलों की दूरी बढ़ने की बात कही गई थी। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि विलय की कार्रवाई संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल के लिए बच्चों के हित में की जा रही है। सरकार ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह निर्णय बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज कर दीं हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि यह नीतिगत निर्णय है और इसमें कोर्ट का हस्तक्षेप नहीं हो सकता है। कोर्ट ने कहा कि सरकार का यह निर्णय उचित है और इसके पीछे का उद्देश्य बच्चों के हित को ध्यान में रखना है। अब राज्य सरकार प्राथमिक स्कूलों के विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती है। इस निर्णय के बाद सरकार को बड़ी राहत मिली है और वह अपने निर्णय को लागू कर सकती है।

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