Santosh Kumar Yadav / Sat, Sep 5, 2026 / Post views : 110
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। प्रशासन के मुताबिक, सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने मस्जिद के निर्माण को सरकारी भूमि पर अवैध माना था। इस आदेश के खिलाफ दाखिल पहली अपील भी खारिज हो चुकी थी।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के मद्देनजर कलेक्ट्रेट परिसर के पांचों गेट बंद कर दिए गए और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस, पीएसी और आरआरएफ बल तैनात किया गया। संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त और फ्लैग मार्च भी किया।
अधिकारियों के अनुसार, मस्जिद निर्माण को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में सुनवाई हुई थी। प्रशासन का दावा है कि निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस और अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
बताया गया है कि मस्जिद को लेकर शिकायत के बाद 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई थी। इसके बाद 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने निर्माण को अवैध मानते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष की ओर से 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में अपील दाखिल की गई थी।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस ने उन्हें सहारनपुर जाने से रोक दिया।
इकरा हसन ने कहा कि वह सहारनपुर जाकर अधिकारियों से मिलना चाहती थीं और स्थानीय लोगों से जुड़े मामले को प्रशासन के सामने रखना चाहती थीं। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को जनता से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों से मिलने से क्यों रोका जा रहा है।

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे संविधान और कानूनी अधिकारों से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा।
इमरान मसूद का दावा है कि मस्जिद 1911 से पहले की है और इसके स्वामित्व को लेकर पुराने दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदेश में दिए गए समय की अवधि पूरी होने से पहले ही कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस मामले में उनकी लड़ाई कानून के दायरे में जारी रहेगी।
मामले को देखते हुए सहारनपुर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने और सोशल मीडिया पर अफवाहें नहीं फैलाने की अपील की गई है। अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर भ्रामक या अफवाह फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती जारी है।
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