Santosh Kumar Yadav / Fri, Sep 4, 2026 / Post views : 130
कानपुर देहात। अकबरपुर कस्बे में फर्जी और एक्सपायरी बीज की री-पैकिंग कर बिक्री के आरोप से जुड़े मामले में जिला प्रशासन और कृषि विभाग को अदालत से बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत ने सफल बीज भंडार के मालिक की ओर से दाखिल अपील को खारिज कर दिया है। अदालत के फैसले के बाद सीज किए गए माल की नीलामी का रास्ता साफ हो गया है।
मामला जून 2025 का है। शिकायतकर्ता नितिन कुमार ने 10 जून 2025 को मुख्य विकास अधिकारी से सफल बीज भंडार के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में कथित तौर पर नकली और एक्सपायरी बीज की री-पैकिंग कर किसानों को बेचने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के बाद कृषि विभाग की टीम ने जांच और छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दुकान से भारी मात्रा में कथित नकली और एक्सपायरी बीज के साथ पैकिंग के रैपर बरामद किए गए। इसके बाद प्रशासन ने दुकान को सीज कर दिया था।
मामले में जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने 12 सितंबर 2025 को सीज किए गए माल की नीलामी का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ बीज विक्रेता की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दाखिल की गई थी।
अपर जिला जज चतुर्थ की अदालत में मामले की सुनवाई के बाद बीज विक्रेता की अपील खारिज कर दी गई। अदालत के इस फैसले से प्रशासन द्वारा सीज किए गए माल की नीलामी का रास्ता खुल गया है।
मामले को लेकर डीजीसी क्रिमिनल कानपुर देहात एडवोकेट विजय सिंह ने अदालत के फैसले के संबंध में जानकारी दी।
वहीं, जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय ने कहा कि किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बीज विक्रेताओं से किसानों के साथ किसी भी प्रकार का छल न करने की अपील की।
फर्जी और एक्सपायरी बीज की बिक्री का मामला किसानों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा है। ऐसे में अदालत के फैसले के बाद कृषि विभाग की कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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