Santosh Kumar Yadav / Thu, Sep 3, 2026 / Post views : 131
लखनऊ, 3 सितंबर। उत्तर प्रदेश में अवैध कोडीन कफ सिरप के कारोबार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यूपी एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रयागराज फील्ड यूनिट की टीम ने बांदा में कार्रवाई करते हुए करीब 3 करोड़ रुपये कीमत की 30 हजार शीशियां अवैध कोडीन कफ सिरप बरामद की हैं। मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांदा निवासी धीरेन्द्र कुमार, अतर्रा निवासी प्रवीण कुमार उर्फ लकी और रोहित पांडेय तथा हापुड़ निवासी शेखर सिंह के रूप में हुई है।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि एक अंतरराज्यीय गिरोह दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ से अवैध कोडीन कफ सिरप की खेप लाकर उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में सप्लाई कर रहा है।
सूचना के आधार पर एसटीएफ फील्ड यूनिट प्रयागराज की टीम ने बांदा में निगरानी शुरू की। इसी दौरान पता चला कि एक डीसीएम में कोडीन कफ सिरप की खेप बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के रास्ते बिसंडा बाईपास से अतर्रा की ओर ले जाई जा रही है।
टीम ने बिसंडा-अतर्रा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उत्तरी गोल चौराहे के पास डीसीएम के साथ आगे चल रही लाल रंग की टाटा नेक्सॉन कार को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान दोनों वाहनों से भारी मात्रा में कोडीन कफ सिरप बरामद हुआ। मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने एसटीएफ को बताया कि गिरोह अवैध कोडीन कफ सिरप की तस्करी कर उसे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में सप्लाई करता था।
जांच के अनुसार गिरोह दिल्ली के द्वारका स्थित एक फार्मा प्रतिष्ठान से सिरप लेकर बांदा, अतर्रा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में पहुंचाता था। आरोप है कि मेडिकल स्टोर की सामान्य बिक्री के बजाय सिरप को नशे के कारोबार में खपाया जाता था।
आरोपियों के मुताबिक सिरप के रैपर बदलकर उसे अधिक कीमत पर बेचा जाता था। खेप को सुरक्षित पहुंचाने वाले वाहन चालक को 25 हजार रुपये तक का अलग से इनाम दिए जाने की बात भी सामने आई है।
एसटीएफ की पूछताछ में गिरोह के कारोबार से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। आरोपियों के अनुसार कोडीन कफ सिरप की सप्लाई और बिक्री से संबंधित GST इनवॉइस और बिलों में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया जाता था।
बताया गया कि दस्तावेज हमीरपुर स्थित एक मेडिकल एजेंसी के नाम से तैयार किए जाते थे। जांच में जिस फर्म का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है, उसे वाणिज्य कर विभाग द्वारा पहले ही निष्प्रयोज्य/बोगस फर्म घोषित किए जाने का उल्लेख है।
एसटीएफ अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, सप्लाई चैन और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
वहीं, मादक पदार्थों के खिलाफ एक अन्य कार्रवाई में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) वाराणसी यूनिट ने सोनभद्र के करमा थाना क्षेत्र में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
आरोपी की पहचान हिमांशु गौतम के रूप में हुई है। उसके कब्जे से करीब 80 लाख रुपये कीमत की हेरोइन बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह हेरोइन की छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर सप्लाई करता था। पुलिस और एएनटीएफ मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
बांदा में कोडीन कफ सिरप की बड़ी खेप और सोनभद्र में हेरोइन बरामदगी की कार्रवाई को प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। दोनों मामलों में जांच एजेंसियां सप्लाई नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही हैं।
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