अयोध्या। सरयू एक्सप्रेस में महिला कांस्टेबल सुमित्रा पटेल के साथ हुई दरिंदगी का पुलिस ने आज बदला लेते हुए तीन आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया और इसी एनकाउंटर के साथ दरिंदगी किए हुए आरोपियों का खात्मा हुआ बताते चलें एनकाउंटर में मारे गए व घायल आरोपियों में मृतक अनीश पुत्र रियाज खान निवासी दशलावन थाना हैदरगंज वहीं दूसरी तरफ घायल आरोपी आजाद खान पुत्र मुख्तार खान निवासी दशलावन थाना हैदरगंज और तीसरा आरोपी जो कि पुलिस मुठभेड़ में घायल हुआ है।
विशंभर दयाल दुबे निवासी पिपरी साईनाथ थाना क्षेत्र कूरेभार जनपद सुलतानपुर का बताया जा रहा है घायल आरोपियों व पुलिस मुठभेड़ में मृतक अनीश का शव जिला चिकित्सालय अयोध्या में रखा गया है जिस वार्ड में घायल आरोपियों को रखा गया है वह वार्ड पूरी तरह से सील कर दिया गया है किसी को भी घायल या मृतक से मिलने की अनुमति नहीं है ।
यहां तक की मीडिया कर्मियों को भी उस वार्ड तक भटकने तक नहीं दिया जा रहा है अस्पताल परिसर के बाहर तब हंगामा मच गया जब विशंभर दयाल दुबे की बेटी के द्वारा मीडिया के समक्ष खुलेआम अस्पताल परिसर में यह आरोप लगाया जाने लगा कि उसके पिता का पुलिसकर्मियों द्वारा फर्जी तरीके से मुठभेड़ दिखाकर घायल किया गया है घायल आरोपी विशंभर दयाल दुबे की बेटी ने बताया उसके पिता को सुबह 5 बजे उसके घर से स्कॉर्पियो से आए पुलिसकर्मियों के द्वारा जिसकी नंबर प्लेट बदली गई थी उठा कर ले जाया गया और मुठभेड़ में घायल दिखा दिया गया जबकि उसके बयान का वहां मौजूद पर पुलिस अधिकारी विरोध करते नजर आये क्षेत्राधिकार नगर शैलेश सिंह ने बताया आरोपी विशंभर दयाल दुबे की बेटी झूठ बोल रही है उससे रात में 2 बजे मुठभेड़ हुई थी बयान बाजी बढ़ती देख पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा विशंभर दयाल दुबे की बेटी को अस्पताल परिसर से महिला पुरुष कर्मियों के द्वारा बाहर निकलवा दिया गया। वहीं अगर आरोपी विशंभर नाथ दुबे की बेटी के बयान पर विश्वास करें तो एनकाउंटर का मामला साफ तौर पर फर्जी कह सकते हैं।