सहारा परिसर सील,लीज खत्म होने पर नगर निगम ने कसा शिकंजा
लोगों को सामान निकालने तक का नहीं दिया मौका

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने बड़ा एक्शन लेते हुए सहारा शहर को सील कर दिया। सुबह से ही नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और करीब 170 एकड़ में फैली इस संपत्ति पर सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर दी। अचानक हुई इस कार्रवाई से सहारा शहर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कर्मचारियों और वहां मौजूद अन्य लोगों ने विरोध जताया। कई लोगों ने शिकायत की कि उन्हें अपना सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया, जबकि वे लगातार अधिकारियों से गुहार लगाते रहे।
कब और क्यों हुई कार्रवाई?:-नगर निगम की यह कार्रवाई सुबह 11 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे तक चली। अधिकारियों के अनुसार, सहारा शहर की 30 साल की लीज 2024 में समाप्त हो गई थी, जिसे नवीनीकृत नहीं कराया गया। इस आधार पर नगर निगम ने संपत्ति को अवैध कब्जा घोषित करते हुए सीलिंग का निर्णय लिया। नगर निगम का कहना है कि: 1994 में सहारा समूह को 170 एकड़ जमीन 30 साल के लीज पर दी गई थी। इसमें 40 एकड़ ग्रीन बेल्ट और 130 एकड़ आवासीय/व्यावसायिक उपयोग के लिए था। वर्ष 1995 में ही निर्माण कार्यों को लेकर नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया, और उचित जवाब भी नहीं मिला। नगर निगम के अनुसार, 70 एकड़ जमीन पहले ही एलडीए ने अपने कब्जे में ले ली थी, जिसे ग्रीन बेल्ट के लिए लीज पर दिया गया था।
सहारा समूह का पक्ष:-सहारा शहर के अधिकारियों ने नगर निगम की कार्रवाई को “शक्ति का दुरुपयोग” बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का अवसर नहीं दिया गया और लोगों को बिना पूर्व सूचना के परिसर से बाहर कर दिया गया।


