राहुल गांधी की फतेहपुर यात्रा में विवाद, हत्या आरोपी की कार में सफर करने से मचा हड़कंप

कानपुर। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की फतेहपुर यात्रा उस समय विवादों में आ गई, जब ये खुलासा हुआ कि उन्होंने एक हत्या के आरोपी की कार में सफर किया था। राहुल गांधी दिल्ली से कानपुर के चकेरी एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहाँ से वे दलित हरिओम बाल्मीकि के परिजनों से मिलने फतेहपुर रवाना हुए। इस दौरान ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने उनके लिए जिस इनोवा कार की व्यवस्था की, वह पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी वीरेंद्र पाल के नाम पर रजिस्टर्ड निकली। जैसे ही यह जानकारी सामने आई और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, कांग्रेस नेताओं में हड़कंप मच गया। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस पूरे मामले से खुद को अलग बताया है।
पिंटू सेंगर हत्याकांड से जुड़ा है कार मालिक:-20 जून 2020 को कानपुर के चकेरी क्षेत्र में जेके कॉलोनी के पास रियल एस्टेट कारोबारी पिंटू सेंगर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया था कि पिंटू के साझेदार वीरेंद्र पाल ने इस हत्या की साजिश में भूमिका निभाई थी। आरोप था कि हत्या के लिए 43 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी, जिसमें वीरेंद्र ने 5 लाख रुपये दिए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन करीब डेढ़ साल बाद उसे हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। जमानत के बाद वह फिर से रियल एस्टेट बिजनेस में सक्रिय हो गया। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में वीरेंद्र ने संदीप शुक्ला को साझेदारी का प्रस्ताव दिया था, जो बात बनी नहीं।
संदीप शुक्ला की सफाई पर उठे सवाल:-शुक्रवार को राहुल गांधी के कानपुर आगमन पर संदीप शुक्ला ने उनका स्वागत किया और फतेहपुर भेजने के लिए इनोवा कार (UP-78-HV-8333) उपलब्ध कराई। इसी कार में राहुल गांधी के साथ अजय राय, अविनाश पांडेय और संदीप शुक्ला खुद भी मौजूद थे। शाम होते-होते जब इस कार की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलीं, तो मामला तूल पकड़ गया। सवाल उठने पर संदीप शुक्ला ने दावा किया कि कार एक ट्रैवल एजेंसी से किराए पर ली गई थी और यह महज एक संयोग था। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में इस दावे पर भरोसा करना मुश्किल बताया जा रहा है, क्योंकि वीरेंद्र पाल खुद एक संपन्न कारोबारी हैं और उनकी गाड़ी किराए पर चलना असंभव-सा लगता है।
आरटीओ रिकॉर्ड में भी आरोपी का नाम:-राहुल गांधी की यात्रा में इस्तेमाल की गई इनोवा कार का रजिस्ट्रेशन कानपुर आरटीओ में वीरेंद्र पाल के नाम से दर्ज है। दस्तावेजों में पिता का नाम शिवप्रसाद पाल और पता 181-सी, आदर्श विहार, जेके कॉलोनी, तिवारीपुर, कानपुर दर्ज है — जो पिंटू सेंगर हत्याकांड के आरोपी वीरेंद्र पाल का ही पता है। यह गाड़ी 29 अगस्त 2024 को खरीदी गई थी।
अब इस खुलासे के बाद राहुल गांधी की फतेहपुर यात्रा कांग्रेस के लिए सिरदर्द बन गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नुकसान नियंत्रण की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन यह विवाद पार्टी की छवि पर एक और साया डाल गया है।


