उत्तरप्रदेशकानपुर

राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कोतवाली में दिया धरना, पुलिस पर लगाया भाजपा कार्यकर्ताओं को झूठे केस में फंसाने का आरोप

मामला तब शुरू हुआ जब एक दलित महिला ने राज्यमंत्री के पांच समर्थकों शिवा पांडेय, अबरार, मोहम्मद यूसुफ, असलम, और यासिर के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। 

हाइलाइट्स 

  1. CM योगी की महिला राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कोतवाली में दिया धरना
  2. निर्दोष कार्यकर्ताओं पर बिना साक्ष्य के मुकदमा दर्ज किया
  3. भीड़ ने कोतवाली के बाहर नारेबाजी की

कानपुर देहात के अकबरपुर कोतवाली में उत्तर प्रदेश सरकार की महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री और सदर विधायक प्रतिभा शुक्ला अपने समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करने का गंभीर आरोप लगाया और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की। इस घटना से पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया, और कोतवाली परिसर छावनी में तब्दील हो गया। मामला गुरुवार की शाम का है, जिसके बाद सपा प्रमुख ने भी योगी की पुलिस को आड़े हांथो लिया है ।

मामला तब शुरू हुआ जब एक दलित महिला ने राज्यमंत्री के पांच समर्थकों शिवा पांडेय, अबरार, मोहम्मद यूसुफ, असलम, और यासिर के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। राज्यमंत्री ने इसे झूठा और बिना सबूत के दर्ज किया गया मुकदमा करार देते हुए पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “पुलिस बिना जांच के बीजेपी कार्यकर्ताओं को फंसा रही है। यह योगी सरकार है, यहां झूठे मुकदमे नहीं चलेंगे। कोतवाली प्रभारी को तुरंत हटाया जाए, वरना धरना जारी रहेगा।”

निर्दोष कार्यकर्ताओं पर बिना साक्ष्य के मुकदमा दर्ज किया

प्रतिभा शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में पुलिस की कार्यशैली को निरंकुश बताया और कहा, “निर्दोष कार्यकर्ताओं पर बिना साक्ष्य के मुकदमा दर्ज किया गया, और जब हमने आपत्ति जताई तो हमें भी अपमानित किया गया। ऐसे अधिकारियों को तुरंत हटाया जाना चाहिए जो सरकार की छवि खराब कर रहे हैं।” उन्होंने यह भी पूछा कि प्रभारी निरीक्षक ने किसके दबाव में यह मुकदमा दर्ज किया, और इसकी जांच की मांग की।

भीड़ ने कोतवाली के बाहर नारेबाजी की

धरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरविंद मिश्रा, डिप्टी एसपी राजेश पांडे, सीओ प्रिया सिंह, और अन्य अधिकारियों ने राज्यमंत्री को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रहीं। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि प्रभारी निरीक्षक को शुक्रवार तक हटा दिया जाएगा, लेकिन राज्यमंत्री तत्काल कार्रवाई की मांग पर कायम रहीं। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की भीड़ ने कोतवाली के बाहर नारेबाजी की, जिसके चलते भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

अधिकारियों के आश्वासन पर राज्यमंत्री ने प्रदर्शन समाप्त 

लगभग सात घंटे तक चले धरने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के आश्वासन पर राज्यमंत्री ने प्रदर्शन समाप्त किया। पुलिस विभाग ने मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें राज्यमंत्री के पति और पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी की डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक से फोन पर तीखी बातचीत चर्चा का विषय बनी। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने भी इस मामले पर टिप्पणी करते हुए योगी सरकार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। यह घटना कानपुर देहात के बदलापुर क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य से जुड़े एक विवाद से शुरू हुई, जहां एक सभासद पर रंगदारी और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगा था। इसके जवाब में राज्यमंत्री के समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ, जिसने इस पूरे विवाद को जन्म दिया।

UP Hulchul

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *