फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले हल्का लेखपाल को यही नहीं पता कि नगर पालिका है या ग्राम पंचायत
रुदौली। कागजों में फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले हल्का लेखपाल की कारगुजारी बनी चर्चा का विषय पीड़ित ने जिला अधिकारी से मिलकर फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले लेखपाल के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की की मांग। लेखपाल के द्वारा आजकल कागजों में अतिक्रमण हटवाया जा रहा है। जिसकी शिकायत पीड़ित के द्वारा जिलाधिकारी अयोध्या से की।मामला रुदौली तहसील क्षेत्र के नगर पालिका में स्थित कृष्णा नगर वार्ड (गोगावां) का है। वार्ड निवासी विक्रम पाल के द्वारा रविवार को जिलाधिकारी नीतीश कुमार से मुलाकात कर हल्का लेखपाल की कार्यगुजारी की शिकायत की। दिए गए शिकायती पत्र में आरोप है कि 6 जुलाई को आईजीआरएस संख्या. 40017723029385 के द्वारा ग्राम सभा गोगावा परगना व तहसील रुदौली के चक मार्ग संख्या 136/ 0.068 पर कब्जा कर भू माफियाओं द्वारा अवैध प्लाटिंग कर चक मार्ग पर अतिक्रमण कर अस्तित्व समाप्त कर दिए जाने की शिकायत किया था।
जिसकी जांच पैमाइश कर हल्का लेखपाल द्वारा भू माफिया को लाभ पहुंचाने की नीयत से वास्तविकता छुपाते हुए मिथ्या रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिया गया है जिससे चकमार्ग पर अवैध कब्जा लेखपाल की कारगुजारी के चलते बरकरार है। जबकि हल्का लेखपाल के द्वारा जांच आख्या में भूमाफियाओं के अवैध अतिक्रमण के संबंध में कोई जिक्र ना करके भू माफिया को अनुचित लाभ पहुंचाने की पुरजोर कोशिश किया गया है। जिससे ग्राम सभा के चकमार्ग की अपूरणीय क्षति हो रही है।
हल्का लेखपाल द्वारा जांच आख्या में लिखा गया है कि प्रधान व ग्रामवासियों की मौजूदगी में पैमाइश कर दिया है। निस्तारण में हल्का लेखपाल द्वारा गलत, फर्जी झूठी, मिथ्या आख्या प्रस्तुत कर वास्तविकता को छुपाया गया है। जिससे भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाया जा सके जो भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 192 के तहत अपराधिक कृत आता है।
शिकायतकर्ता द्वारा गलत निस्तारण से असंतुष्ट होने पर 7 अगस्त 23 को फीड बैंक प्रतिक्रिया दी गई। शिकायत को जांच एवम कार्यवाही हेतु उपजिलाधिकारी रुदौली को अंतरित कर दिया गया।पुनः लेखपाल / जांच अधिकारी द्वारा गलत, फर्जी, झूठी रिपोर्ट अवैध भूमाफियाओं को लाभ पहुंचाने हेतु प्रेषित की गई जिसमें यह तो माना गया कि चक मार्ग को प्लाटिंग में शामिल कर लिया गया है। परंतु यह लिखना कि स्थल पर राजस्व टीम एवं पुलिस टीम द्वारा खाली करा दिया गया है। पूर्णतया मिथ्या है।
हल्का लेखपाल के द्वारा आईजीआरएस पर दो अलग-अलग रिपोर्ट लगा दी एक रिपोर्ट में हल्का लेखपाल द्वारा यह बताया गया कि राजस्व पुलिस कर्मियों की मौजूदगी में अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया है। जबकि दूसरी रिपोर्ट में ग्राम प्रधान की मौजूदगी में चकरोड की जमीन को चिन्हित कर दिया गया है। लगाई गई रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो रहा है कि हल्का लेखपाल मौके पर गई ही नहीं घर बैठकर इस स्मार्ट मेमो बना दिया और कागजों पर मामले का निस्तारण कर दिया क्योंकि शिकायतकर्ता को दी गई रिपोर्ट में ग्राम प्रधान सभासद व तत्कालीन प्रधान किसी के भी हस्ताक्षर नहीं है जो हल्का लेखपाल को कटघरे में खड़ा कर रहा है। इतना ही नहीं हल्का लेखपाल के द्वारा कागज पर बाबा का बुलडोजर चला कर चंद्रमा से अतिक्रमण भी हटवा दिया गया है उक्त बातें हल्का लेखपाल के द्वारा जनसुनवाई पर गई ऑनलाइन शिकायत की रिपोर्ट में अंकित है।रिपोर्ट लगाते समय हल्का लेखपाल को शायद यह नहीं पता था कि ग्राम पंचायत गोगांवा नगर पालिका परिषद रुदौली सीमा विस्तार में सम्मिलित की जा चुकी है आजकल वहां पर ग्राम प्रधान की जगह पर सभासद है। बड़ा सवाल यह है कि जब हल्का लेखपाल को पता ही नहीं है कि जिस जगह के शिकायत हुई है वह ग्राम सभा में है या नगर पालिका में जिससे यह स्पष्ट होता है कि हल्का लेखपाल के द्वारा भू माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए शिकायतकर्ताओं को फर्जी रिपोर्ट प्रेषित कर दी गई। वही हल्का लेखपाल सीमा पांडे का कहना है कि मेरे द्वारा मौके पर जाकर जांच की गई है और जो भी संभव करवाई थी वह की जा चुकी है।