मिल्कीपुर । मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए कार्य शुरू होने से पहले कार्यस्थल पर सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड लगाया जाना अनिवार्य है । इसमें कार्य का विवरण, कार्य प्रारंभ की तिथि, स्वीकृत धनराशि, वित्तीय वर्ष, प्रधान, सचिव, रोजगार सेवक का नाम आदि लिखा होता है । इससे लोगों को कार्य के बारे में पूरी जानकारी मिल जाती है । लेकिन अमानीगंज ब्लाक में मनरेगा से जो भी कार्य कराए जा रहे हैं उसमें सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड नहीं लगाए जा रहे हैं जबकि इसका भुगतान लगभग 6 लाख का हो भी गया है। ऐसेमें संबंधित कार्य के संबंध में लोगों को जानकारी नहीं मिल पा रही है ।
मनरेगा के तहत सरकार ने अप्रैल 2017 से कराए जाने वाले सभी कार्यों पर सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड लगाने का निर्देश दिया था ।तमाम ग्राम पंचायतों में बिना सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड स्थापित किए ही कार्य की जियो टैगिंग व कार्य की पूर्णता का अंकन मनरेगा सॉफ्टवेयर पर किया जा रहा है यदि कहीं बोर्ड स्थापित भी है तो वह भी मानक के अनुरूप नहीं है। कुछ में तो कार्य के संबंध में पूरी जानकारी ही नहीं दी जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मनरेगा के तहत कार्यों की पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए कार्यों के संबंध में सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड लगाए जाने हैं ।विकासखंड स्तर पर एक स्वयं सहायता समूह के माध्यम से ही कार्य स्थल पर मानक के अनुरूप बोर्ड स्थापित किए जाने का उत्तरदायित्व कार्यक्रम अधिकारी व मनरेगा अधिकारी का है । इस संबंध में खंड विकास अधिकारी अमानीगंज सुरेंद्र सिंह राणा का कहना है कि यह बहुत गंभीर प्रकरण है इसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड में रहती है यह जानकारी मनरेगा कार्यों पर स्थापित किए जाने वाले सिटीजन इंफॉर्मेशन बोर्ड में कार्य का नाम ,वर्क आईडी, प्राक्कलन की धनराशि ,कार्य प्रारंभ की तिथि, कार्य समाप्ति की तिथि, मजदूरी ,सामग्री, मानव दिवस, मजदूरी दर, कार्यदाई संस्था, ग्राम पंचायत अधिकारी का नाम ,तकनीकी सहायक का नाम आदि दर्ज रहता है ।