मवई,अयोध्या। कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण और किसानों की जागरूकता के लिए मवई ब्लाक में कृषि मेले का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चल रही योजनाओं की जानकारी दी गई। कृषि गोष्ठी में सैकड़ो किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रुदौली विधायक रामचंद्र यादव रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक रुदौली रामचंद्र यादव ने कहा कि खेती-किसानी गांव का मुख्य व्यवसाय है।किसान वैज्ञानिक तकनीक का प्रयोग करके खेती को नया आयाम देने में जुटे हैं। आधुनिक टेक्नोलॉजी का लाभ उठाकर किसान प्रगति की ओर बढ़ रहे हैं।उन्होंने पराली न जलाने की अपील किसानों से किया उन्होंने कहा कि किसान भाई पराली न जलाए और वैज्ञानिकों द्वारा बताई गई विधियों से उसका सदुपयोग करे।
सोमवार को मवई ब्लाक में आयोजित गोष्ठी में किसानों को संबोधित करते हुए उप कृषि निदेशक संजय कुमार त्रिपाठी ने सरकार की ओर से चल रही किसान पारदर्शी योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड,पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को जानकारी देने के लिए समय-समय पर गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र मसौधा से आए वैज्ञानिक डॉ० बीपी शाही व डॉ० डी०डी० सिंह ने किसानों को खेती करने के आधुनिक तरीकों की जानकारी दी।
भूमि संरक्षण और जल संरक्षण के बारे में किसानों को जागरूक किया। उन्होंने किसानों से रासायनिक खाद और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कम करने की अपील की। उन्होंने बताया कि सभी को अपनी भूमि में मृदा का परीक्षण करने की उपलब्धता के बारे में जानकारी भी दी।
वैज्ञानिक डॉ०हरिद्वार मिश्र ने कृषि बीज भंडार की दुकानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं और आधुनिक फसलों की जानकारी दी। गोष्ठी में कवि शायर रामदास सरल ने सभी किसानों को वैज्ञानिक खेती व नकदी फसलों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। एडीओ कृषि धीरेंद्र सिंह ने सभी किसानों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का संचालन महिला किसान सवीना ख़ातून ने किया।इस मौके पर नगर पंचायत माँ कामाख्या धाम के चेयरमैन शीतला प्रसाद शुक्ला, भाजपा नेता निर्मल शर्मा,तेज कुमार तिवारी,प्रधान प्रतिनिधि भानु यादव,योगराज,लालता प्रसाद,मंशाराम मौर्य,करिया रावत,उमाशंकर वर्मा,विनोद वर्मा,इंद्रदेव वर्मा,सुनीता जायसवाल,शिव कैलाश यादव,पवन शर्मा,राजकरन यादव समेत सैकड़ो किसान मौजूद रहे।