अयोध्या। धार्मिक ग्रन्थों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मुहिम मित्रमंच की तरफ़ से शुरू की गई है। विशेष मुहिम की शुरूआत कचहरी में वकीलों व वादकारियो में वरिष्ठ भाजपा नेता व मित्रमंच के राष्ट्रीय प्रमुख शरद पाठक “बाबा“ नें अपनी टीम के साथ पत्रक बांटकर शुरू की। उन्होंने कचहरी परिसर में पत्रक बाँट कर अधिवक्ताओं व वादकारियों से समर्थन मांगा जिसमें बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने उकी मांग का समर्थन किया।
शरद पाठक बाबा ने कहा कि श्री रामचरित मानस, रामायण और श्रीमद्भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग उनके द्वारा की जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत देश जिसे देवभूमि कहा गया है, वहां इन ग्रंथों का राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है, विश्व के करोड़ों सनातनी हिंदुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए उक्त ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी सनातनी हिंदुओं से आग्रह और निवेदन किया कि इन ग्रंथों को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कराने के लिए अभियान में साथ दें। उन्होंने का कि वह मांग को लेकर प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को पहले भी मांग पत्र भेज चुके है। वहीं वह इसबार अयोध्या नगर निगम से भाजपा से मेयर के टिकट की दावेदारी भी कर चुके हैं।