सोहावल, अयोध्या। केंद्रीय चिकित्सा परिषद नई दिल्ली द्वारा निर्धारित बी ए एम एस प्रथम व संस्कृत के नवीन पाठ्यक्रम अनुसार एम.ए. पीएचडी लखनऊ विश्वविद्यालय लखनऊ व्याख्यात संस्कृत मौलिक सिद्धांत विभाग सरदार पटेल इंस्टीट्यूट आप आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर लखनऊ उत्तर प्रदेश।
डॉक्टर मृदुला मिश्रा द्वारा लिखी गई सरल संस्कृत व्याकरण पुस्तक विश्व की सबसे प्राचीनतम भाषा संस्कृत है जिसका मुख्य आधार व्याकरण है जिसके ज्ञान के बिना चाहे वह संस्कृत का विद्यार्थी हो या आयुर्वेद का उसका ज्ञान अधूरा ही है। क्योंकि संस्कृत भाषा में प्रमुख ग्रंथ चार वेद है ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद और अथर्ववेद अथर्ववेद से ही आयुर्वेद का जन्म हुआ। आयुर्वेद के सूक्ष्म तम यान के लिए वह मूल संहिता ग्रंथों तथा उसकी व्याख्याओ को समझने के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान अति आवश्यक है। यह समस्त व्याकरण ज्ञान के बिना असंभव है। अतः संख्या व्याकरण का ज्ञान नितांत आवश्यक है। क्योंकि जितना अधिक व्याकरण का ज्ञान होता है। उतना ही अधिक संगिंता विषयों को समझने में आसानी होगी। आज आयुर्वेद में अधिकांश छात्र विज्ञान की आधुनिक धारा से आते हैं तथा संस्कृत भाषा का तनिक भी ज्ञान नहीं रहता है। अतः इसी को ध्यान में रखते हुए संस्कृत व्याकरण को अत्यंत सरल करके तथा जो बच्चों को आसानी से समझने में आ सके इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु सरल संस्कृत व्याकरण की रचना डॉक्टर मृदुला मिश्रा द्वारा की गई है। विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के अनुरूप समीक्षा एवं व्याख्या आज की सुगम प्रस्तुति ही डॉक्टर मृदुला मिश्रा का लक्ष्य है। डॉक्टर मृदुला मिश्रा का जन्म 1मार्च 1982 मे अयोध्या जिले के ग्राम सफदर भारी ग्राम पांडे का पुरवा पोस्ट बारुण में हुआ डॉक्टर मृदुला मिश्रा के पिता का नाम सुशील कुमार पांडे और माता जी का नाम सुनीता पांडे हैं डॉ मिश्रा ने प्राथमिक शिक्षा गांव के सरस्वती शिशु मंदिर से पूरी करके स्नानतक परास्नातक प्रथम श्रेणी से डॉ राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय अयोध्या से पूर्ण किया इसी बीच डॉक्टर मृदुला मिश्रा का विवाह अयोध्या के ही सोहावल तहसील के पूरे चंचाई मिस्र के रहने वाले वीरेंद्र कुमार मिश्रा के साथ हुआ वीरेंद्र कुमार मिश्रा जी का आवास लखनऊ में भी है विवाह के बाद डॉ मृदुला मिश्रा पति वीरेंद्र कुमार मिश्रा के साथ लखनऊ में रहने लगी और लखनऊ विश्वविद्यालय से संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष योग कला संकाय के डीन ज्योतिषाचार्य पद्मश्री से सम्मानित प्रोफेसर डॉक्टर बृजेश शुक्ला के सानिध्य में पीएचडी करके 2011 मैं लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा डाक्टरेट की उपाधि हासिल की लेखन के क्षेत्र में कई किताबें एवं मासिक पत्रिकाओं में लेखों को लिखा जिसमें लखनऊ से प्रकाशित कौशल में स्मृतियों का संस्कृत की प्रवेश तथा राष्ट्रीय संगोष्ठी में संस्कृत साहित्य में भारतीय संस्कृत की अवधारणा वेदों में पर्यावरण का महत्व आदि विषयों पर लेखन का कार्य किया क्योंकि संस्कृत समस्त भाषाओं की जननी भी मानी गई है संस्कृत में शिक्षा संस्कृत स्वास्थ्य संस्कार तथा विज्ञान के अनेक रहस्य संस्कृत साहित्य में समाहित है डॉक्टर इंजीनियर केपी तिवारी जी ने जिन्होंने हमेशा डॉ मृदुला मिश्रा का मार्गदर्शक किया डॉ मिश्रा ने बताया कि मां सरस्वती जी की असीम कृपा मानू कि जिन्होंने ने मुझे सेवा करने की शक्ति प्रदान की तथा सबसे सतत प्रयास से यह कार्य पूर्ण हुआ है। बताते चलें कि डॉ मृदुला मिश्रा के पति वीरेंद्र कुमार मिश्रा लखनऊ में न्यूज़ का एक चैनल भी चला रहे हैं चैनल का नाम लखनऊ कैंट की आवाज है अभी जल्द में ही सोहावल के पत्रकारों को पुष्प की माला पहनाकर अंग वस्त्र भेंट किया उसके बाद कान्फ्रेंस द्वारा विकास को लेकर कई बिंदुओं पर विशेष वार्ता किया।