दिल्ली। महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को दिल्ली की कोर्ट ने बीजेपी सांसद को नियमित जमानत दे दी। हालांकि कोर्ट ने फैसले में बीजेपी सांसद पर कई शर्ते लगाई हैं दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इससे पहले 18 जुलाई को उन्हें दो दिन की अंतरिम जमानत दे दी थी। दस्तावेजों की जांच के लिए सुनवाई की अगली तारीख 28 जुलाई तय की गई है।
सशर्त मिली जमानत कोर्ट ने बृजभूषण को जमानत देते हुए कई शर्तें सामने रखी हैं कोर्ट ने कहा कि आरोपी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शिकायतकर्ताओं या गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे कोर्ट की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ेंगे अंतरिम जमानत के दिन सुनवाई में बृजभूषण के वकीलों ने दलील दी थी कि दिल्ली पुलिस ने बिना जांच के चार्जशीट दायर की है दिल्ली पुलिस ने कहा था कि बृजभूषण को गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन जमानत की शर्त होनी चाहिए जिस पर कोर्ट ने रेगुलर के बजाय अंतरिम जमानत दी।
वकीलों ने किया विरोध
सुनवाई के दौरान पीड़ितों के वकील ने जमानत दिए जाने को लेकर विरोध किया उन्होंने कहा कि सांसद राजनीतिक रूप से ताकतवर हैं और वह गवाहों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं लिहाजा उनको जमानत नहीं दी जानी चाहिए इस पर बृजभूषण के वकील ने आपत्ति जताते हुए कहा कि गवाहों को धमकाने जैसी कोई बात अभी तक नहीं हुई है वैसे इस तरह की कोई शर्त अगर कोर्ट लगाता है तो हम पूरी तरह से पालन करेंगे।
15 लोगों ने दिए गवाह
पुलिस ने इस मामले में 1599 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है जिसमें आरोपी बृजभूषण शरण सिंह और WFI सेक्रेटरी विनोद तोमर के खिलाफ केस का जिक्र है जिसमें बृजभूषण पर IPC की धारा 354, 354-A और D के तहत चार्जशीट दाखिल की है विनोद तोमर के खिलाफ धारा 109, 354, 354 (A), 506 के तहत चार्जशीट दायर की गई है इस चार्जशीट में कुल 44 विटनेस हैं चार्जशीट में कुल 108 लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं जिनमें 15 लोगों ने पीड़ित रेसलर्स के समर्थन में बयान दिए हैं WFI स्टाफ-ऑफिस असिस्टेंट, ऑफिस स्टाफ और ऑफिस बॉय ने पहलवानों के बयानों की पुष्टि नहीं की। वहीं 93 गवाहों ने पहलवानों के आरोपों की पुष्टि नहीं की।