रुदौली अयोध्या। गनौली गन्ना समिति व रौजागांव चीनी मिल की मिली भगत से किसानों का पेढ़ी गन्ना खेतों में खड़ा सूख रहा था। जिसको लेकर किसानों ने बीते गुरुवार को भाकियू नेता दिनेश कुमार दुबे के नेतृत्व में रौजागांव चीनी मिल का घेराव करने पहुँचे थे। लेकिन एसडीएम रुदौली स्वप्निल यादव व सीओ रुदौली सत्येन्द्र भूषण तिवारी के आश्वासन पर 24 घण्टे का समय देकर घेराव को स्थगित कर दिया था। शनिवार को गनौली गन्ना समिति पर किसानों की समस्या का समाधान करने के लिए जिला गन्ना अधिकारी अयोध्या हुदा सिद्दीकी व रौजागांव चीनी मिल के जीएम राम इक़बाल सिंह समिति पहुँचे। वहा पर मौजूद भाकियू के प्रदेश सचिव दिनेश कुमार दुबे के नेतृत्व में क्षेत्र के आक्रोशित किसानों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। और लगभग दो घण्टे तक समिति के मेन गेट पर जमीन पर बैठे रहे। मौके पर पहुँचे एसडीएम रुदौली स्वप्निल यादव ने आक्रोशित किसानों को शांत कराकर प्रत्येक बिंदुओं पर किसानों से वार्ता किया। किसानों की मांग हैं कि जिन किसानों को एक भी पर्ची नही मिली हैं अति शीघ्र ही पर्ची दी जाए। गनौली गन्ना समिति में 40 हजार किसान हैं। जोकि 25 हजार ही किसान गन्ना की सप्लाई करते हैं। इन किसानों का इंडेंट बढ़ाया जाए। जिन किसानों ने गन्ना बटाई व एग्रीमेन्ट पर बुवाई कर रखी हैं उनका भी गन्ना लिया जाए। गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति कुन्तल घोषित किया जाए। पर्चियों पर निर्धारित वजन से अधिक गन्ना तौला जाता हैं उनकी पर्चियां ओवर वेट में इस समय न काटी जाए। चीनी मिल बंद होने से पहले ही काटी जाए। इन सभी सात सूत्रीय बिंदुओं पर श्री दुबे ने एसडीएम रुदौली स्वप्निल यादव को ज्ञापन सौंपा। श्री दुबे ने बताया कि मानक के अनुसार किसानों का गन्ना नही लिया गया हैं। मानक से 7 प्रतिशत गन्ना कम लिया गया हैं। जिससे किसानों को पेड़ी गन्ने की पर्ची नही मिल पाई हैं। मानक के अनुसार गन्ना खरीदने व जिन किसानों का 18 कुन्तल तौल की पर्ची दी गई हैं उस पर जो रोक लगी थी हटाई जाए। और उन किसानों का गन्ना आज कल में तौला जाए। फ़रवरी माह में गनौली समिति के किसानों को अधिक पर्ची देने व अन्य समितियों का गन्ना कम खरीदने की सहमति बनी हैं। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य बलराम यादव, फूल चंद्र यादव, महादेव, राम चंदर, राम गरीबे, शिव राम, हंसराज, गुरुदेई, राम सजीवन, मनोज कुमार, गंगाराम, चंद्र पाल, हरिलाल, सुरेंद्र कुमार, शिव बहादुर, कल्लू, सूरज लाल, धर्म राज, राम सेवक सहित दर्जनों किसान उपस्थित रहे।