दीवानी न्यायालय का आदेश भी शासन प्रशासन की नजर में वेअसर साबित हो रहा है।
सोहावल, अयोध्या।
रौनाही थाना क्षेत्र के लहरापुर गांव में प्रधानमंत्री आवास निर्माण में ग्राम प्रधान द्वारा अवैध हस्तक्षेप करते हुए आवास के छत की ढलाई में बिछाए गए शटरिंग सामान को फेंकवाते हुए छत ढलाई रोके जाने का मामला प्रकाश में आया है। प्रधान की करतूतों से तंग पीड़ित लाभार्थी महिला ने तहसील प्रशासन व एसएससी सहित जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर कार्यवाही की गुहार की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोहावल ब्लाक क्षेत्र केेे ग्राम पंचायत लहरापुर निवासी महिला गीता देवी पत्नी देवनाथ को प्रधानमंत्री आवास आवंटित हुआ है। लाभार्थी महिला के पति देवनाथ द्वारा गांव की विधवा महिला शिव पता से उक्त भूमि को बैनामा खरीदी गई थी। बैनामा सुदा आबादी भूमि पर गांव के ही सूर्य बक्श पुत्र हरि भजन व लाभार्थी महिला के पति देवनाथ के मध्य दीवानी न्यायालय में वाद प्रस्तुत होने के बाद न्यायालय द्वारा लाभार्थी के पति देवनाथ के पक्ष में उक्त भूमि की डिग्री भी दिया गया है। दीवानी न्यायालय की डिग्री मिलने के बाद जब लाभार्थी महिला के नाम आवास मिला तो आवास की संपूर्ण दीवार का निर्माण करने के बाद गांव के प्रधान शिवाकांत तिवारी द्वारा आवास दिलाने के नाम पर 30 हजार रूपया सुविधा शुल्क के नाम पर मांगा जाने लगा। पीड़ित महिला का आरोप है कि जब वह प्रधान को सुविधा शुल्क देने में असमर्थता जताई तो प्रधान द्वारा उसे व उसके परिवार के लोगों के साथ गाली गुप्ता देते हुए अभद्रता करते हुए कहा की जब तक तुम मुझे 30 हजार रूपए नहीं दोगी तब तक हम तुम्हारे आवास पर छत नहीं डालने देंगे। हमारी बहुत दूर तक पहुंच है। महिला का यह भी आरोप है कि प्रधान द्वारा उनके परिवार को किसी झूठे मुकदमे में फसाने की साजिश भी की जा रही है साथ ही साथ गांव के जय लाल, सूर्य बक्श, विजय कुमार, मंसाराम व भगवान दीन के परिवार से मिली भगत करके उन्हें व उनके परिवार को एससी एसटी मुकदमे में भी फंसाने की साजिश कर रहे हैं। पीड़ित लाभार्थी गीता देवी विगत कई महीनो से प्रधानमंत्री आवास पर छत डालने के लिए तहसील से लेकर जिला मुख्यालय के उच्च अधिकारियों की चौखट पर एरिया रगड़ रही है लेकिन अधिकारियों की कान में जूं तक नहीं रेंग रही है।
बता दे की प्रदेश सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए तरह-तरह के अभियान चला कर उनकी सुरक्षा व उन्हें जागरूक करने का निर्देश लगातार अधिकारियों को दे रही है तो वही सोहावल तहसील तथा जिला के उच्च अधिकारियों द्वारा उनके निर्देशों की हवा निकाली जा रही है।