रूदौली। विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत अल्हवाना में श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन कथा का श्रवण करने पहुंचे ममरेज नगर हाता स्थित प्राचीन हनुमानगढ़ी के पुजारी व चमत्कारी बाबा शिव शंकर दास जी जिनके बारे में यह कहा जाता है कि वह किसी मरीज को यदि अपने हाथ से भभूत उठा कर दे दे तो वह जल्द स्वस्थ हो जाता है।
वहीं शिव शंकर दास जी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने कौरवों व पांडवों दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए दूत बनकर बहुत प्रयास किया। लेकिन दुर्योधन ने सुई की नोक जितनी भी जमीन देने से मना कर दिया। जिसके कारण महाभारत का युद्ध हुआ जिसमें पांडवों की जीत हुई।
शिव शंकर दास जी ने श्रोताओं को गोविंद का चिंतन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भक्ति से प्राणी जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है। माया के प्रभाव में मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचान पाता। उन्होंने बताया कि भक्ति ही एकमात्र ऐसा साधन है, जिससे मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं कथावाचक पूजनीय प्रीति यादव ने शिव शंकर दास जी को चंदन का तिलक व अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। इस मौके पर सैकड़ो ग्राम वासी व कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।
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