रायबरेली। जिले की पांच नगर पंचायतों पर भाजपा ने जीत दर्ज कर अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, सपा ने पिछली बार की दो सीटें गंवा दी और जिले में उसका खाता तक नहीं खुला है।
नगर पंचायतों के अध्यक्ष पद की नौ सीटों पर इस बार भाजपा के प्रत्याशियों का अच्छा प्रदर्शन रहा। नगर पंचायत अध्यक्ष की नौ सीटों में पांच सीटें भगवा हो गईं। सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों ने कब्जा कर लिया, जबकि लालगंज की सीट पाकर कांंग्रेस का खाता नगर पंचायतों में खुल गया। पिछले चुनाव में नगर पंचायतों की एक भी सीट कांग्रेस को नहीं मिली थी। सपा को दो सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार सपा ने उसे भी गवां दिया। पिछली बार निर्दलों ने नगर पंचायतों की चार सीटों पर कब्जा किया था, इस बार तीन सीटों से संतोष करना पड़ा।
वर्ष 2017 के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने नगर पंचायत परशदेपुर व महराजगंज सीट पर कब्जा पाया था। इस बार परशदेपुर के नगर पंचायत अध्यक्ष रहे विनोद कौशल को भाजपा ने टिकट नहीं दिया। विनोद ने बागी बनकर निर्दल चुनाव लडक़र दूसरी बार जीत दर्ज कर ली। नगर पंचायत महराजगंज सीट पर चौथी बार सरला साहू ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज कराई है। इसके अलावा डलमऊ, ऊंचाहार, शिवगढ़ और बछरावां नगर पंचायत सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया है। इस चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान सपा को उठाना पड़ा है।
नगर पंचायत ऊंचाहार में अध्यक्ष की सीट भाजपा ने सपा से छीन ली है। इसके अलावा लालगंज की सीट कांग्रेस ने सपा से छीनी है। सभी नगर पंचायतों में सपा पूरी तरह से साफ हो गई है। परशदेपुर के साथ सलोन और नसीराबाद सीटों पर निर्दलीयों ने बाजी मारी है। जहां रही बसपा की बात तो बसपा के प्रत्याशी किसी भी सीट पर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे। हर सीट पर बसपा प्रत्याशी मुट्ठीभर वोट पाए। कुल मिलाकर नगर पंचायतों में भाजपा का इस बार अच्छा प्रदर्शन रहा। सपा और बसपा को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।