रक्षाबंधन के महापर्व पर भारत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र में तैनात जवानों को छुट्टी न मिल पाने के कारण उनकी कलाई सूनी न रहे इसलिए आसपास की तमाम बहनों ने एसएसबी कैंप पहुंचकर जवानों को तिलक लगाकर, मिष्ठान खिलाकर उनके हाथ की कलाई में भाई-बहन के रिश्तों का प्रतीक माने जाने वाला रक्षाबंधन बांधकर उन्हें बहन की कमी महसूस नहीं होने दिया। इस दौरान सीमा के जवानों की आंखें खुशी से भर आई और उन्होंने बहनों की रक्षा करने का आश्वासन दिया।
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रक्षाबंधन का त्योहार पौराणिक मान्यताओं के आधार पर द्वापर युग से ही माना जाता है महाभारत ग्रंथ के अनुसार द्रोपती के चीर हरण के दौरान भगवान श्री कृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाई थी तभी से भाई बहन के रिश्तो का प्रतीक कहे जाने वाला रक्षाबंधन का त्यौहार प्रत्येक वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को रक्षा बंधन का पवित्र पर्व मनाया जाता है। जिसके क्रम में महराजगंज के सीमावर्ती एसएसबी कैंप कार्यालय में बड़ी संख्या में आस-पास की बहनों ने पहुंचकर एसएसबी जवानों के हाथ की कलाई में रक्षाबंधन को बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करते हुए तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाया तो वहीं जवानों ने भी भाई के हैसियत से बहनों की रक्षा करने का वादा किया।