अयोध्या। रुदौली विधानसभा अंतर्गत क्षेत्र अंतर्गत अवंतीबाई लोधी वार्ड ग्राम जहाँनपुर में चल रही संगीतमई श्री राम कथा के पांचवे दिन श्री राम सीता विवाह प्रसंग के दौरान स्वयंवर का आयोजन किया गया। सुल्तानपुर से पधारे कथा वाचक महाराज शिवा नंद मिश्र ने बताया कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था। एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। उसे देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ क्योंकि धनुष किसी से नहीं उठता था। तब राजा ने प्रतिज्ञा कि की जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा उसी से सीता का विवाह होगा। वहां आए सभी लोगों ने एक-एक करके धनुष उठाने की कोशिश की लेकिन किसी को भी इसमें सफलता नहीं मिली। तब प्रभु राम धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया धनुष टूटते हैं श्रीराम के जयकारों से पंडाल गूंज उठा और भक्तों ने पुष्प की वर्षा की। इसके बाद दिव्य झांकी के साथ माता सीता और श्रीराम का विवाह हुआ।