निकाय चुनाव 2023 में मतदान के दौरान फर्जी वोट डालने वालों के लिए प्रशासन ने इस बार नया प्लान बनाया है। अगर कोई फर्जी वोट डालने पहुंचा तो उसे जेल जाना पड़ सकता है।
निकाय चुनाव 2023 में इस बार कोई भी फर्जी आधार कार्ड अथवा आईडी से मतदान नहीं कर सकेंगा। अगर किसी ने फर्जी आईडी, आधार कार्ड से वोट डालने का प्रयास किया तो उसे जेल जाना पड़ सकता है।
पिछले चुनाव में फर्जी आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड से वोट डालने की शिकायतें मिलती रहीं हैं। इस बार पुलिस प्रशासन ने फर्जी आधार कार्ड और फर्जी आईडी से वोट डालने पर प्रभावी तरीके से रोक लगाने के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
इस बार निकाय चुनाव में सभी मतदान केंद्रों पर एक एक्सपर्ट पुलिसकर्मी तैनात होगा। जिसके मोबाइल में एक एप्लीकेशन होगी। मोबाइल की एप्लीकेशन से पुलिसकर्मी संदिग्ध मतदाता के आधार कार्ड का क्यूआर कोड स्कैन करेगा।
अगर आधार कार्ड सही है तो कार्ड धारक का नाम, पिता का नाम, वार्ड संख्या, उम्र और पता के साथ अन्य सभी जानकारी मोबाइल पर आएगी तो ही वह मतदाता वोट डाल पाएगा। अगर मतदाता के पास आधार कार्ड फर्जी हुआ तो मोबाइल ऐप तुरंत पुलिसकर्मी को सूवित करेगा।
इसके बाद पुलिस फर्जी मतदाता को हिरासत में ले लेगी। इसके अलावा पुलिसकर्मी के पास आंखों की रेटिना स्कैन करने का कैमरा भी होगा।
जिसके द्वारा आंखों की रेटिना का फोटो लेकर उसे साइबर एक्सपर्ट के पास भेजा जाएगा। जिससे उस व्यक्ति का सही नाम और पता लगाया जा सके।
डीएम ने बताया सभी बूथों पर आधार कार्ड और आईडी की जांच करने के लिए विशेष पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।