अयोध्या। योगी सरकार रात दिन बेटियों की सुरक्षा का दावा कर रही है लेकिन उसके कुछ भ्रष्ट पुलिस अधिकारी योगी सरकार की छवि धूमिल करने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे जबकि सीएम योगी द्वारा ट्विट किया गया है कि डबल इंजन सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं रामराज्य की आधारशिला है। रामराज्य में दु:ख का कोई स्थान नहीं है, इसलिए सरकार आधिदैविक, आधिभौतिक और आध्यात्मिक तीनों प्रकार के दु:ख से जनता को मुक्त करने का प्रयास कर रही है। परंतु यहां की पुलिस न तो न्याय करना जानती है और न ही नारी का सम्मान, अयोध्या पुलिस सिर्फ और सिर्फ सोशल मीडिया पर छाई रहना चाहती है। चाहे नारी सम्मान हो या कुछ और परंतु यदि देखा जाए तो जमीनी हकीकत कुछ और ही है। वहीं पीड़िता नीलम सिंह से मिली जानकारी के अनुसार मामला जनपद अयोध्या के थाना इनायतनगर क्षेत्र के पलिया जगमोहन सिंह मुo कुचेरा का है जहां महिला पत्रकार नीलम सिंह के पिता रामसिंह के पटीदार दिनांक 17 सितंबर की शाम को राम सिंह व बबलू सिंह को गाली दे रहे थे कि बबलू सिंह के मना करने पर पटीदार विकास सिंह, अंकुर सिंह, विकास सिंह की मां और उनकी दादी लंबरदारिन सब लोग मारने लगे हल्ला सुन बबलू सिंह के पिता खाना खा रहे थे खाना छोड़ बाहर निकले और बबलू सिंह को छुड़ाने लगे, बबलू सिंह को छुड़ाता देख रामसिंह के सभी उपरोक्त पटीदार बबलू सिंह को छोड़ राम सिंह पर हावी हो गए और राम सिंह को काफी मारा कि मर्णासन हो गए। बबलू सिंह द्वारा 112 डायल किया गया लेकिन नहीं मिला तो 108 डायल कर एंबुलेंस बुलाया और मिल्कीपुर सीएचसी ले गए जहां के डॉक्टरों ने इंजेक्शन देकर जिला अस्पताल रेफर कर दिया फिर वहां से ट्रामा सेंटर दर्शन नगर और फिर ट्रामा सेंटर दर्शन नगर से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। जहां डॉक्टरों के अनुसार चोटिल राम सिंह का फेफड़ा फट जाने व रीढ़ की हड्डी टूट जाने से ट्रामा सेंटर लखनऊ में इलाज के दौरान 18/19 सितंबर की रात्रि मौत हो गई। पिता के अंतिम संस्कार के बाद जब महिला पत्रकार दिनांक 20 सितंबर को शिकायत लेकर इनायतनगर थाना प्रभारी के पास गई तो थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने उस पीड़ित महिला की बगैर कोई बात सुने पीएम रिपोर्ट लाने को कहते हैं और उठकर चले जाते हैं। परंतु सीओ मिल्कीपुर द्वारा पुनः अगले दिन महिला को थाना भेजा जाता है जहां थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह द्वारा महिला पत्रकार से अभद्रता कर भगा दिया जाता है। थाना प्रभारी के द्वारा किए गए इस कृत से पीड़ित महिला पत्रकार के मन में कई सवालों को जन्म दिया कि क्या- अयोध्या पुलिस द्वारा इसी तरह किया जाता है महिला का सम्मान? जब एक महिला के साथ वो भी पत्रकार महिला के साथ पुलिस द्वारा इस तरह की रवैया अपनाया जा रहा है तो आम लोगों के साथ किस तरह का बर्ताव किया जाता होगा। हालांकि महिला पत्रकार के द्वारा एसएसपी तक काफी दौड़ भाग के बाद आईजी अयोध्या तक पहुंची तो दिनांक 26 सितंबर को आईजी के फटकार लगाने के बाद थाना प्रभारी द्वारा 435/23 धारा 323,352,304,452,504,506 के तहत मुकदमा तो दर्ज किया गया परंतु अभी तक पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की। वहीं क्षेत्रीय पत्रकारों में रोष व्याप्त है जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो हम आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी अयोध्या पुलिस की होगी।