अयोध्या। मन की अयोध्या में राम न हों तो जीवन में आनंद नहीं रहता। इसी तरह से जो राम कण कण में समाया है इसका अहसास होना जरूरी है। प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या मे आयोजित विशाल निरंकारी सत्संग समारोह में प्रभु भक्तों को संबोधित करते हुए भीरा आजमगढ़ से पधारी बहन रीता यादव ने उक्त उद्गार व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि यहाँ हनुमान गढ़ी मन्दिर में दूर दूर से भक्त जन आते हैं। अपने भक्ति और सेवा भाव के कारण हनुमान राम के सबसे ज्यादा निकट रहे। भक्त अपने सतगुरु की आराधना मे कोई कमी नही रखता और भगवान् भी भक्त को सर्वस्व प्रदान करते हैं। राम को मानना है पर इनको कण कण वासी जानकर मानना है। सतगुरु की कृपा से जब राम के अविनाशी स्वरूप को जान लिया जाता है तब सही मायने में भक्ति आरंभ होती है।
पावन सरयू के तट पर स्थित राजघाट उद्यान पार्क में भक्तो भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने सत्संग का लाभ प्राप्त किया। विशाल सत्संग समारोह मे अयोध्या जनपद के आलावा बस्ती ,गोण्डा, बलरामपुर, अम्बेडकरनगर, मऊ, टांडा,सुल्तानपुर, अमेठी आदि से संत माहत्मा शामिल हुए।
कार्यकर्म का संचालन रवि शंकर ने किया। गीतकार कवियों ने भक्ति मय शमा कर दिया इंद्र देवता भी खुश होकर रिम झिम पानी की वर्षा की कार्यक्रम को सुन्दर रूप देने का कार्य पवम माझी डाक्टर गौरव कौशल किशोर सिंह सी पी दुबे सरताज सिंह राम बली रामजीत चौकी इंचार्ज पूरा बाजार शुक्ला मुखी रुदौली रामचंद्र यादव अंत में राजघाट की संगत इंचार्ज सुभाष ने आए हुए सभी संतो- भक्तों का आभार व्यक्त किया।