Fri, 18 Sep 2026
Breaking News
उत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की होगी GPS/GIS मैपिंग : CM धामी ने अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ | मायावती ने UPI शुल्क/स्मार्ट स्कूल योजना पर उठाए सवाल : बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात | गनौली में 10 दिवसीय सर्वे-सट्टा सुधार मेले का शुभारंभ : किसानों की समस्याओं का होगा त्वरित निस्तारण | वाराणसी में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन : पीएम मोदी को भेजे 17 सवालों का पत्र | उन्नाव: स्कूल के बाहर बंधी मिली भैंसें : BSA के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल | अयोध्या में रामकथा संग्रहालय की तैयारियां तेज : 10 अक्टूबर से 20 गैलरी के लिए टेंडर | राम मंदिर ट्रस्ट के CEO चयन पर फिर सवाल : पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने मांगा स्पष्टीकरण; ट्रस्ट ने दावों का किया खंडन | अमेठी में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ : नई जिला कार्यकारिणी ने ली शपथ, डॉक्टरों के हित में आवाज उठाने का संकल्प | हरिद्वार में गणेश उत्सव की तैयारियां तेज : बाजारों में पहुंचीं आकर्षक प्रतिमाएं | बहराइच में भीषण सड़क हादसा : डंपर से टकराई कानपुर डिपो की रोडवेज बस, महिला परिचालक समेत 4 घायल | उत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की होगी GPS/GIS मैपिंग : CM धामी ने अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ | मायावती ने UPI शुल्क/स्मार्ट स्कूल योजना पर उठाए सवाल : बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात | गनौली में 10 दिवसीय सर्वे-सट्टा सुधार मेले का शुभारंभ : किसानों की समस्याओं का होगा त्वरित निस्तारण | वाराणसी में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन : पीएम मोदी को भेजे 17 सवालों का पत्र | उन्नाव: स्कूल के बाहर बंधी मिली भैंसें : BSA के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल | अयोध्या में रामकथा संग्रहालय की तैयारियां तेज : 10 अक्टूबर से 20 गैलरी के लिए टेंडर | राम मंदिर ट्रस्ट के CEO चयन पर फिर सवाल : पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने मांगा स्पष्टीकरण; ट्रस्ट ने दावों का किया खंडन | अमेठी में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ : नई जिला कार्यकारिणी ने ली शपथ, डॉक्टरों के हित में आवाज उठाने का संकल्प | हरिद्वार में गणेश उत्सव की तैयारियां तेज : बाजारों में पहुंचीं आकर्षक प्रतिमाएं | बहराइच में भीषण सड़क हादसा : डंपर से टकराई कानपुर डिपो की रोडवेज बस, महिला परिचालक समेत 4 घायल | उत्तराखंड के 100 ट्रेक रूट्स की होगी GPS/GIS मैपिंग : CM धामी ने अभियान दल को किया फ्लैग ऑफ | मायावती ने UPI शुल्क/स्मार्ट स्कूल योजना पर उठाए सवाल : बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात | गनौली में 10 दिवसीय सर्वे-सट्टा सुधार मेले का शुभारंभ : किसानों की समस्याओं का होगा त्वरित निस्तारण | वाराणसी में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन : पीएम मोदी को भेजे 17 सवालों का पत्र | उन्नाव: स्कूल के बाहर बंधी मिली भैंसें : BSA के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्था की पोल | अयोध्या में रामकथा संग्रहालय की तैयारियां तेज : 10 अक्टूबर से 20 गैलरी के लिए टेंडर | राम मंदिर ट्रस्ट के CEO चयन पर फिर सवाल : पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने मांगा स्पष्टीकरण; ट्रस्ट ने दावों का किया खंडन | अमेठी में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ : नई जिला कार्यकारिणी ने ली शपथ, डॉक्टरों के हित में आवाज उठाने का संकल्प | हरिद्वार में गणेश उत्सव की तैयारियां तेज : बाजारों में पहुंचीं आकर्षक प्रतिमाएं | बहराइच में भीषण सड़क हादसा : डंपर से टकराई कानपुर डिपो की रोडवेज बस, महिला परिचालक समेत 4 घायल |

मायावती ने फिर आकाश आनंद से छीनी बड़ी जिम्मेदारी : बोलीं- अभी राजनीतिक परिपक्वता की जरूरत

Santosh Kumar Yadav / Fri, Sep 4, 2026 / Post views : 191

Share:

2027 से पहले बसपा में बड़ा सियासी फैसला, आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में एक बार फिर बड़ा सियासी बदलाव सामने आया है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी से हटा दिया है। मायावती ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक तौर पर और परिपक्व होने की जरूरत है।

बसपा की बैठक में लिया गया फैसला

3 सितंबर को लखनऊ में हुई बसपा की अहम बैठक के दौरान आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संदेश सामने आया। मायावती ने स्पष्ट किया कि आकाश पार्टी में काम करते रहेंगे, लेकिन फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

मायावती के इस फैसले के बाद एक बार फिर आकाश आनंद की पार्टी में भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर इसलिए क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में आकाश की जिम्मेदारियों में कई बार बदलाव देखने को मिला है।

जिम्मेदारी, हटाना और फिर वापसी का दौर

आकाश आनंद का राजनीतिक सफर लगातार उतार-चढ़ाव से गुजरता रहा है। उन्हें पहले पार्टी में अहम जिम्मेदारी दी गई, इसके बाद मायावती ने उन्हें पद से हटाया। बाद में उनकी दोबारा वापसी हुई और उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई। इसके बाद एक बार फिर उनके खिलाफ कार्रवाई हुई और अब 2026 में उन्हें बड़ी जिम्मेदारी से दूर कर दिया गया है।

इस घटनाक्रम ने बसपा के भीतर नेतृत्व और उत्तराधिकार को लेकर चर्चाओं को फिर तेज कर दिया है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल

मायावती के फैसले पर कांग्रेस की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस घटनाक्रम को बसपा के नेतृत्व से जुड़े सवालों से जोड़ते हुए मायावती के फैसले पर सवाल उठाए।

वहीं, राजनीतिक विश्लेषक अरविंद जयतिलक का कहना है कि आकाश आनंद को लेकर लगातार बदलते फैसले बसपा की भविष्य की रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं।

2027 के चुनाव से पहले बड़ा सवाल

आकाश आनंद को कभी मायावती का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना गया था। ऐसे में उन्हें बार-बार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मायावती उन्हें राजनीतिक रूप से तैयार होने का समय दे रही हैं या फिर पार्टी के भविष्य के नेतृत्व को लेकर उनकी रणनीति में बदलाव हो रहा है।

उत्तर प्रदेश में 2027 का विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में बसपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने पुराने जनाधार को वापस मजबूत करने की है।

अकेले चुनाव लड़ने की रणनीति पर बसपा

इसी बीच मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति भी स्पष्ट की है। बसपा गठबंधन से दूरी बनाते हुए अकेले चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर आगे बढ़ने की बात कह रही है।

एक तरफ गठबंधन से दूरी और दूसरी तरफ आकाश आनंद को बड़ी जिम्मेदारी से दूर रखना—इन दोनों फैसलों को 2027 के चुनाव से पहले बसपा की रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

अब नजर इस बात पर होगी कि मायावती का यह फैसला 2027 में बसपा को मजबूत करने की रणनीति साबित होता है या आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य पर इसका लंबा असर पड़ता है।

विज्ञापन

Advertisement

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन

Advertisement