Santosh Kumar Yadav / Sat, Aug 22, 2026 / Post views : 185
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ‘चवन्नी से रुपया’ वाले बयान को लेकर उत्तर प्रदेश की सियासत में घमासान तेज हो गया है। अब बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भी इस विवाद में एंट्री करते हुए अखिलेश यादव के बयान की कड़ी निंदा की है।
मायावती ने अखिलेश यादव के बयान को अहंकारी, अमर्यादित और अलोकतांत्रिककरार दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से न केवल पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान हुआ है, बल्कि पूरे जाट समाज की भावनाएं भी आहत हुई हैं।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी के लिए अखिलेश यादव को संबंधित पार्टी और उसके नेता से ही नहीं, बल्कि चौधरी चरण सिंह के परिवार का अपमान करने के लिए पूरे जाट समाज से भी तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल, अखिलेश यादव ने हाल ही में राजनीतिक सहयोगियों का जिक्र करते हुए कहा था कि “हमने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए।”इस बयान को राष्ट्रीय लोकदल अध्यक्ष जयंत चौधरी पर तंज के तौर पर देखा गया। इसके बाद आरएलडी की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
जयंत चौधरी ने भी पलटवार करते हुए कहा कि यदि राजनीतिक लड़ाई में कुछ कहना था तो उनका नाम लेकर कहा जाता। उन्होंने जाट समाज को निशाना बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए इसे अहंकार बताया।
मायावती के इस बयान के बाद ‘चवन्नी’ विवाद ने नया राजनीतिक रंग ले लिया है। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच बढ़ती बयानबाजी आने वाले दिनों में सियासी समीकरणों पर कितना असर डालती है, यह देखने वाली बात होगी।
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