दुर्गा विसर्जन जुलूस में हुई हिंसा का फैसला, मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी, 9 दोषियों को उम्रकैद,22 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की हत्या का मामला
बहराइच में 2024 दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई सांप्रदायिक हिंसा में राम गोपाल मिश्रा की हत्या के मामले में कोर्ट ने मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी और 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।

उत्तर प्रदेश के बहराइच में 2024 में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में राम गोपाल मिश्रा की हत्या के केस में आज अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
13 महीने 26 दिन में ट्रायल पूरा करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा ने:मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी,अन्य 9 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
कौन दोषी और कौन बरी?
दोषी: अब्दुल हमीद, फहीम, सरफराज, तालिब, सैफ, जावेद, जीशान, ननकऊ, शोएब, मारुफ
बरी: खुर्शीद, शकील, अफजल (सबूतों के अभाव में)
कैसे भड़की थी हिंसा?
13 अक्टूबर 2024 को महसी थाना क्षेत्र में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे गाने को लेकर विवाद हुआ जो हिंसा में बदल गया।
पथराव और फायरिंग में राम गोपाल मिश्रा को गोली लगी और उनकी मौत हो गई।
ट्रायल टाइमलाइन
11 जनवरी 2025: चार्जशीट दाखिल
- 18 फरवरी: आरोप तय
- 12 गवाहों की गवाही
- 21 नवंबर: फैसला सुरक्षित
- आज: सजा सुनाई गई
लगी हुई धाराएँ
BNS धारा 103(2) — मॉब लिंचिंग में हत्या (दंड: फांसी/आजीवन कारावास)
- धारा 191(2), 191(3), 190, 109(2), 249, 61(2)
- आर्म्स एक्ट धारा 30
परिवार की प्रतिक्रिया
पीड़ित राम गोपाल मिश्रा की पत्नी रोली मिश्रा ने कहा—
“सभी हत्यारों को फांसी मिले, तभी न्याय पूरा होगा।”
सुरक्षा व्यवस्था
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, रासुका भी लगाई गई थी।
सीएम योगी ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन पहले ही दिया था।


